मकर संक्रांति 2026

मकर संक्रांति पवित्र हिंदू त्योहार है, जो 14 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा के बाद उड़द दाल की खिचड़ी खाने का विशेष धार्मिक महत्व है।

खिचड़ी त्योहार

मकर संक्रांति को "खिचड़ी त्योहार" के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खिचड़ी खाना और दान करना शुभ होता है, जिससे पुण्य मिलता है

खिचड़ी का महत्व

खिचड़ी को शुद्ध, सात्विक और ऊर्जा देने वाला भोजन माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन खिचड़ी खाने से सूर्य और शनि दोनों प्रसन्न होते हैं।

खिचड़ी की पौराणिक कथा

बाबा गोरखनाथ ने खिलजी के आक्रमण के दौरान भोजन बनाने में असमर्थ योगियों को जल्दी ऊर्जा के लिए चावल, दाल और सब्जियों को एक साथ पकाने की सलाह दी थी। 

गोरखनाथ मंदिर खिचड़ी मेला

बाबा गोरखनाथ ने खिचड़ी की परंपरा शुरू की थी जिसके कारण आज भी गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में एक भव्य खिचड़ी मेला आयोजित किया जाता है।

ग्रहों से लाभ के लिए

मकर संक्रांति पर सूर्य देव अपने पुत्र शनि द्वारा शासित मकर राशि में प्रवेश करते हैं। सूर्य और शनि को प्रसन्न करने के लिए उड़द दाल की खिचड़ी बनाई जाती है।

खिचड़ी दान का महत्व

मकर संक्रांति पर खिचड़ी के कच्चे सामान का दान, महादान माना जाता है। इससे परिवार में सुख, शांति और समृद्धि आती है।